REPIC क्लिनिक गंगनम (Gangnam) — स्किन क्लिनिक

पिगमेंटेशन: चित्ते (फ़्रेकल्स), सन स्पॉट और मेलाज़्मा

भूरे धब्बे सतह पर एक जैसे दिखते हैं, पर अलग-अलग गहराई पर होते हैं। चित्ते और सन स्पॉट उथले होते हैं; मेलाज़्मा (झाइयां) गहरा होता है; मुंहासों के बाद के निशान अक्सर दोनों। गहराई तय करती है कि कौन-सी वेवलेंथ लगेगी।

आमतौर पर इसकी वजह क्या होती है

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    सतही पिगमेंट: चित्ते और सन स्पॉट

    ऊपरी परत में पिगमेंट। चित्ते आनुवंशिक होते हैं और धूप में गहरे होते हैं; सन स्पॉट सालों की धूप से बनते हैं। दोनों वहां होते हैं जहां छोटी वेवलेंथ पहुंच सकती है।

    हम इनमें फ़र्क कैसे पहचानते हैं

    • तीखे किनारों वाले छोटे बिंदु
    • धूप के बाद गहरे, सर्दियों में हल्के
    • गालों, नाक और कंधों पर बिखरे हुए

    कारण के हिसाब से हमारा सुझाव

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    गहरा पिगमेंट: मेलाज़्मा

    डर्मिस में पिगमेंट, जो हार्मोन, गर्मी और धूप से बढ़ता है। यही वह पिगमेंट है जो लौट आता है। इसके लिए लंबी वेवलेंथ और हल्के हाथ की ज़रूरत होती है।

    हम इनमें फ़र्क कैसे पहचानते हैं

    • दोनों गालों, माथे या ऊपरी होंठ पर एक जैसे (सममित) धब्बे
    • तीखे बिंदु नहीं, धुंधले किनारे
    • गर्भावस्था, गर्भनिरोधक गोली या गर्म गर्मियों के बाद बढ़ा

    कारण के हिसाब से हमारा सुझाव

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    मिश्रित और सूजन के बाद का पिगमेंट

    मुंहासे, जलने या रैश के बाद के भूरे निशान अक्सर एक साथ एक से ज़्यादा परतों में होते हैं। सामान्य बेजान रंगत का बड़ा हिस्सा भी ऐसा ही होता है। इनमें आमतौर पर कॉम्बिनेशन की ज़रूरत होती है।

    हम इनमें फ़र्क कैसे पहचानते हैं

    • जहां दाना, रैश या चोट थी वहां निशान
    • अलग-अलग बिंदुओं के बजाय असमान भूरे धब्बे
    • न साफ़ तौर पर चित्ते, न मेलाज़्मा

    कारण के हिसाब से हमारा सुझाव

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    कुछ समय की ब्राइटनिंग (चमक, पिगमेंट हटाना नहीं)

    स्किन बूस्टर और ब्राइटनिंग PTT कुछ समय की चमक देते हैं। ये पिगमेंट नहीं हटाते। किसी मौके से पहले टॉप-अप के तौर पर ठीक हैं, मुख्य प्लान के तौर पर नहीं।

    हम इनमें फ़र्क कैसे पहचानते हैं

    • आप किसी मौके के लिए एक जैसी रंगत चाहते हैं, खास धब्बे हटाना नहीं
    • त्वचा रूखी या बेजान भी है

    कारण के हिसाब से हमारा सुझाव

पहले सही जांच

हम सबसे पहले गहराई देखते हैं। Mark-Vu/Meta-Vu स्कैन UV रोशनी में वह पिगमेंट दिखाता है जो आंखों से नहीं दिखता, और सतही धब्बों को गहरे मेलाज़्मा से अलग करता है। गलत गहराई पर गलत वेवलेंथ से सेशन बेकार जाते हैं, इसलिए यह स्टेप हम नहीं छोड़ते।

गंगनम (Gangnam) क्लिनिक में पहले डॉक्टर खुद आपकी त्वचा की जांच करते हैं। फिर Mark-Vu/Meta-Vu स्कैन और RSTI रिपोर्ट डॉक्टर की देखी हुई बातों को आंकड़ों में दर्ज करते हैं। प्लान इन दोनों के आधार पर बनता है, न कि उस ट्रीटमेंट के नाम पर जिसके बारे में पूछते हुए आप आए थे।

जानने लायक बातें

  • मेलाज़्मा पूरी तरह ठीक नहीं होता, नियंत्रित किया जाता है। मेंटेनेंस और सख़्ती से सनस्क्रीन की उम्मीद रखें।
  • पिगमेंट लेज़र के तुरंत बाद धूप उल्टा असर करती है। सनस्क्रीन ट्रीटमेंट का हिस्सा है, कोई अतिरिक्त चीज़ नहीं।
  • इलाज किए गए धब्बे अक्सर उतरने से पहले गहरे होते हैं और उन पर पपड़ी जमती है। यह अपेक्षित है, ट्रीटमेंट की नाकामी नहीं।

आम सवाल

  • चित्ते या मेलाज़्मा: मुझे कैसे पता चलेगा?

    चित्ते तीखे बिंदु होते हैं जो मौसम के साथ बदलते हैं। मेलाज़्मा धुंधले, सममित धब्बे होते हैं। जब साफ़ न हो तो स्कैन से तय होता है, और मिश्रित मामले आम हैं।

  • मुझे कितने सेशन चाहिए होंगे?

    सतही धब्बों में अक्सर कम सेशन लगते हैं। मेलाज़्मा में सेशनों की सीरीज़ और मेंटेनेंस चाहिए। स्कैन से पहले हम कोई संख्या नहीं बताते।

  • क्या पिगमेंट ट्रीटमेंट के अगले दिन फ़्लाइट ले सकते हैं?

    टोनिंग में आमतौर पर हां, उसमें रिकवरी समय कम है। स्पॉट रिमूवल के बाद कुछ समय तक छोटी पपड़ियां रहती हैं। घर लौटते समय सनस्क्रीन और टोपी साथ रखें।

दूसरी समस्याएं

परिणाम हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं। ट्रीटमेंट का फ़ैसला डॉक्टर आपकी जांच के बाद करते हैं, और इस पेज की कोई भी बात परिणाम का वादा नहीं है।